Tuesday, 19 March 2013

है चाहत कल भी मेरी रहना .....!!!

तसव्वुर में मेरी मुस्कुराती रहना ..
मिले ना ग़म तुम्हें गुनगुनाती रहना ..

 हो ग़मों की रुख्सतगी ..बहार मिल जाये ...
उम्र भर इठलाती बलखाती रहना ..

हर वक़्त हमेशा मिले खुशहाली ..
हर ग़म भूलकर खिलखिलाती रहना ..

तुम तो हो एक कोमल कली सी...
हर मन को सुकूं पहुंचती रहना ...

रहो ताउम्र  इन पंछियों सी चंचल ...
हर आंगन में खुशियाँ लुटाती  रहना ...

रहे शीतलता हरदम झरने की तूझमे ...
हर दिल को ठंडक दिलाती रहना ...

हो तेरे दम से इस चमन की जीनत ...
ऐसे कुछ वादे निभाती रहना ...

रहे मेरी इन बातों से इत्तेफाक तुझको ...
हर हसीन चाहत मुकम्मल बनती रहना ...

तेरी हर एक अदा  लुभाती है मुझको ...
ये सोच सोच इतराती रहना ...

कैसे कहूँ कौन हो तुम मेरी ...
हो जो भी ये रिश्ता जताती रहना ...

बस इतनी है खबर आज मेरी हो तुम ...
है चाहत कल भी मेरी रहना .....!!!