Tuesday, 17 September 2013

बेपरवाह....

न जाने कब, कैसे ..

पर तुम जो शामिल हुए ....अच्छा लगा !

यूँ तो कट ही रही है हसीन ख्वाबों में ज़िन्दगी ...

दो पल उन ख्वाबों को जी लेना ....अच्छा लगा !!

Thursday, 23 May 2013

मनः स्थिति

उलझे  नब्ज़  के  सुलझे  आधार  हैं ...
मझधार में नैया है टूटे पतवार हैं ...

Tuesday, 7 May 2013

...........आखिर तू क्यूँ इतना दूर है (in love with moon ;) )

छाया मुझपे तेरा ही सुरूर है
ए चाँद तू  आखिर क्यूँ इतना दूर है ...

मयंक, मृगांक , महताब के नाम से तू मशहूर है
यूँ  आके  तेरा चला जाना मुझे नामंजूर है ...

ए चाँद तेरी चांदनी ही तेरा गुरूर है
लगता है जैसे तू कोहिनूर है ...

तेरे साथ होने की ख़ुशी तो है…. पर साथ गम  भी जरूर है
...........आखिर तू  क्यूँ इतना दूर है

Tuesday, 19 March 2013

है चाहत कल भी मेरी रहना .....!!!

तसव्वुर में मेरी मुस्कुराती रहना ..
मिले ना ग़म तुम्हें गुनगुनाती रहना ..

 हो ग़मों की रुख्सतगी ..बहार मिल जाये ...
उम्र भर इठलाती बलखाती रहना ..

हर वक़्त हमेशा मिले खुशहाली ..
हर ग़म भूलकर खिलखिलाती रहना ..

तुम तो हो एक कोमल कली सी...
हर मन को सुकूं पहुंचती रहना ...

रहो ताउम्र  इन पंछियों सी चंचल ...
हर आंगन में खुशियाँ लुटाती  रहना ...

रहे शीतलता हरदम झरने की तूझमे ...
हर दिल को ठंडक दिलाती रहना ...

हो तेरे दम से इस चमन की जीनत ...
ऐसे कुछ वादे निभाती रहना ...

रहे मेरी इन बातों से इत्तेफाक तुझको ...
हर हसीन चाहत मुकम्मल बनती रहना ...

तेरी हर एक अदा  लुभाती है मुझको ...
ये सोच सोच इतराती रहना ...

कैसे कहूँ कौन हो तुम मेरी ...
हो जो भी ये रिश्ता जताती रहना ...

बस इतनी है खबर आज मेरी हो तुम ...
है चाहत कल भी मेरी रहना .....!!!

Monday, 4 February 2013

उठाते हैँ लुत्फ हर करवट-ए-मिज़ाज़ के.....
होती है दिलकश कशिश हिज्र मेँ भी यार के...

Thursday, 10 January 2013

लगाये बैठे हैं पलकों का शामियाना ....

लगाये बैठे हैं पलकों का शामियाना ....

ना जाने कब होगा तुम्हारा आना


आकर आबाद कर दो उजड़ा आशियाना
...
मैं तो तेरी आस में ..... है मशरूफ ये ज़माना


अब आ भी जाओ शायद फिर तुम्हे ये प्यार मिले ना

कहीं तुम्हारी राह तकती ....

कजरारी नयनों की अलसाई कोरें थक जायें ना !!!