आँखमिचौली खेलेँ जब जब तेरी अँखियां मुझसे
एक हल्की मस्त बयार सी शोख़ी जगती मन मेँ
शरारत का तकाज़ा कहता ताल मिला लेँ
वल्लाह तेरी गुस्ताख़ अँखियाँ ......
मन मेँ गढते चाल चुरा लेँ
एक हल्की मस्त बयार सी शोख़ी जगती मन मेँ
शरारत का तकाज़ा कहता ताल मिला लेँ
वल्लाह तेरी गुस्ताख़ अँखियाँ ......
मन मेँ गढते चाल चुरा लेँ
आधा पौना ही अभी दिल था संभला...
तभी तेरी अँखियोँ का बेतकल्लुफ़ न्योता...
चल अब हाल मिला लेँ
तभी तेरी अँखियोँ का बेतकल्लुफ़ न्योता...
चल अब हाल मिला लेँ
Madam ye word kHa se late h. Mujhe jarur batayeha.
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